केरल के मुवाट्टुपुषा में आज (रविवार को) एक चर्च के स्वामित्व को लेकर जाकोबाइट सीरियन और मलंकारा आर्थोडॉक्स गुटों के पादरियों के बीच झड़प हो गई, जिसमें बाद में पुलिस को हस्तक्षेप करना पड़ा। बता दें कि यह घटना सुबह मुवाट्टुपुषा के पास पीरामाडोम के सेंट जॉन्स बेथलहम चर्च में हुई है।
चर्च पर अधिकार को लेकर भिड़े पादरियों के दो गुट
पुलिस के मुताबिक, यह चर्च मलंकारा आर्थोडॉक्स और जाकोबाइट सीरियन गुटों के बीच स्वामित्व के लिए लंबे वक्त से चल रहे विवाद का केंद्र रहा है। अभी इस चर्च पर जाकोबाइट गुट का कंट्रोल है। पुलिस ने कहा कि आर्थोडॉक्स गुट के कुछ पादरी मुवाट्टुपुषा उप-अदालत के उस निर्णय का हवाला देते हुए आज चर्च पहुंचे थे, जिसमें कथित रूप से स्वामित्व के विवाद में उनके पक्ष में निर्णय सुनाया गया था।
पादरियों में कहासुनी के बाद हुई धक्का-मुक्की
हालांकि, चर्च में पहले से मौजूद जाकोबाइट गुट के पादरी और समुदाय के लोगों ने इसका विरोध करते हुए दावा किया कि मुफस्सिल कोर्ट ने कथित रूप से उनके पक्ष में निर्णय दिया है। पुलिस ने बताया कि दोनों गुटों के पादरियों के बीच पहले कहासुनी हुई और बाद में वह धक्का-मुक्की में बदल गई। खबर मिलने के तुरंत बाद केरल पुलिस की एक टीम घटनास्थल पर पहुंची और लोगों को शांत करने की कोशिश की।
पादरियों को कोई भी पक्ष पीछे हटने को तैयार नहीं
हालांकि, बाद में जब दोनों में से कोई भी पक्ष पीछे हटने को रेडी नहीं हुआ तो चर्च को पुलिस ने बंद कर दिया। पुलिस ने बताया कि जिला प्रशासन ने अब मामले में हस्तक्षेप किया है और पादरियों के दोनों गुटों के प्रतिनिधियों को सोमवार की शाम को चर्चा के लिए आमंत्रित किया है।
झड़प में दोनों तरफ के पादरी हुए जख्मी
पुलिस ने कहा कि दोनों गुटों ने एक-दूसरे पर आरोप लगाया है कि इस झड़प में उनके पादरी जख्मी हुए हैं, लेकिन शिकायतें मिलने के बाद केस दर्ज किए जाएंगे। जाकोबाइट और आर्थोडॉक्स गुटों के बीच विवाद कई साल से चल रहा है। दोनों गुटों की संपत्तियों और चर्च के कंट्रोल को लेकर कोर्ट के कई फैसले आ चुके हैं। इससे पहले, पिछले साल मार्च महीने में केरल में कोल्लम के एक चर्च के परिसर में सूटकेस में कंकाल मिलने का मामला सामने आया था। यह बैग कब्रिस्तान के पास मिला था।
(इनपुट- भाषा)
ये भी पढ़ें- FCRA संशोधन बिल 2026 पर क्यों मचा बवाल? चर्च और ईसाई संगठनों ने क्यों किया विरोध, जानें पूरी बात